सांस्कृतिक कार्यक्रम
समिति समय-समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करती रहती है। इनमें समाज के लोगों, महिला, पुरुष और बच्चों का परस्पर सहयोग रहता है।
कुर्मांचल जन कल्याण एवं सांस्कृतिक समिति, मयूर विहार फेज-3 की स्थापना, उद्देश्य और वर्षों से चल रही सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का विवरण।
मयूर विहार डी.डी.ए. फ्लैटों के आवंटन के साथ-साथ कुर्मांचली जनों का आना भी शुरू हुआ। शुरुआत में हमारी संख्या नाम मात्र थी। धीरे-धीरे हमारे लोगों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी होती रही।
समिति के संस्थापक सदस्यों ने एक दूसरे से संपर्क कर, अपने लोगों की पहचान कर उन्हें जोड़ने का काम किया। अपनी लगन, कड़ी मेहनत और अथक प्रयासों द्वारा कुर्मांचल जनकल्याण एवं सांस्कृतिक समिति की नींव सन् 1999 में रखी।
इसके सदस्य कुमाऊं क्षेत्र (जिले) के लोग ही हो सकते हैं। निरंतर साल दर साल कुर्मांचल परिवार में सदस्यों की संख्या में बढ़ोतरी होती रही। आज हमारे सदस्यों की संख्या लगभग 585 से ऊपर है। कुर्मांचल समिति आज एक मजबूत संगठन के साथ मयूर विहार-3 में स्थापित है।
मयूर विहार फेज-3, नई दिल्ली
समिति का गठन प्रवासी कुर्मांचलियों को मयूर विहार में संगठित करने के उद्देश्य से किया गया।
प्रवासी कुर्मांचलियों को मयूर विहार में संगठित करना।
मेलजोल बढ़ाना और सुख-दुख में एक-दूसरे के साथ शामिल होना।
अपने लोक पर्वों और त्योहारों को मिलजुल कर हर्षोल्लास के साथ मनाना।
कुर्मांचली संस्कृति को अपने क्षेत्र में जीवंत रखना।
समिति की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रमुख सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और खेल गतिविधियां।
समिति समय-समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करती रहती है। इनमें समाज के लोगों, महिला, पुरुष और बच्चों का परस्पर सहयोग रहता है।
खेल बच्चों और युवाओं को समाज में सक्रिय करने का एक अहम माध्यम हैं। समिति ने खेल सचिव भी नियुक्त किए हैं और समय-समय पर विभिन्न खेलों का आयोजन करती है।
26 जनवरी और 15 अगस्त पर ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कला एवं खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन तथा प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया जाता है।
कुर्मांचल जन कल्याण एवं सांस्कृतिक समिति और गढ़वाल भ्रात मंडल मिलकर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन करते हैं। कुर्मांचल में उत्तरैणी पर्व घुघुती त्योहार के रूप में मनाया जाता है।
प्रत्येक वर्ष होली पर पूरे मयूर विहार क्षेत्र में होली भ्रमण किया जाता है। नंगर-निशाण, मशक बीन, ढोल-दमाऊं और पारंपरिक वेशभूषा के साथ होली फेरी आयोजित की जाती है।
प्रति वर्ष चैत्र मास के नवरात्रों में अखंड रामायण का आयोजन किया जाता है। रामचरितमानस का संपूर्ण पाठ और पूर्णाहुति के बाद भंडारा आयोजित किया जाता है।
समिति सन् 2015 से प्रति वर्ष शरद (अश्विन) नवरात्रों में श्री राम जी की लीला का भव्य मंचन करती आ रही है। पात्र अभिनय, निर्देशन, संगीत और मंच संचालन समिति के सदस्यों द्वारा किया जाता है।
कुर्मांचल समिति ने सन् 2018 में अपना अस्थायी वरिष्ठ गृह सदन बनाया। यह पदाधिकारी मीटिंग और स्टोर के काम भी आता है।
समिति ने सन् 2019 में अपने सदस्यों के सहयोग से मां नंदा देवी मंदिर की स्थापना की। स्थापना दिवस पर भव्य आयोजन, मूर्ति स्थापना, डोली यात्रा (कलश यात्रा) और भंडारे का आयोजन किया गया।
स्मारिका का प्रकाशन अपने सदस्यों की जानकारी के लिए किया जाता है। नये सदस्यों की जानकारी हेतु समिति 4 से 5 वर्षों के अंतराल पर स्मारिका का प्रकाशन करती है।
स्रोत वेबसाइट पर सन् 2006 में प्रथम, 2011 में द्वितीय और 2015 में तृतीय स्मारिका के प्रकाशन का उल्लेख है। चतुर्थ उत्तरायणी स्मारिका 2020 के प्रकाशन का कार्य प्रगति पर बताया गया है।
हमारी कुर्मांचली संस्कृति गंगा-जमुनी तर्ज पर चिरकाल से चलायमान एक हिमालयी संस्कृति है। जिसमें अटूट प्रेम, अपने कार्य के प्रति जुनून, कर्तव्यनिष्ठा, आपसी सौहार्द, समर्पण भाव सहित समाजोत्थान की कई परंपराओं का समावेश है।
इसी संस्कृति और परंपराओं के साथ हम कुर्मांचल समिति को एक नयी पहचान देने की कोशिश कर रहे हैं। हम सभी यहां कुर्मांचल के अलग-अलग जिलों से आए भाई लोग अपनी कर्तव्य परायणता, ईमानदारी, निष्ठा व जुझारूपन का पर्याय बन एकजुटता से आवाज बुलंद कर मयूर विहार-3 में अपनी विशिष्ट पहचान के साथ दिल्ली में स्थापित हैं और उत्तरोत्तर प्रगति की ओर अग्रसर हैं।
मयूर विहार फेज-3 में कुर्मांचल जनकल्याण एवं सांस्कृतिक समिति की नींव रखी गई।
सदस्यों की जानकारी के लिए प्रथम स्मारिका का प्रकाशन।
उत्तरायणी स्मारिका का दूसरा प्रकाशन।
रामलीला मंचन का वार्षिक आयोजन और तृतीय स्मारिका का प्रकाशन।
समिति द्वारा अस्थायी वरिष्ठ गृह सदन का निर्माण।
सदस्यों के सहयोग से मां नंदा देवी मंदिर की स्थापना और भव्य आयोजन।
समिति के उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार विभिन्न वर्षों की संचालन समितियों और पदाधिकारियों की सूची।