उत्तरैणी पर्व
समिति और गढ़वाल भ्रात मंडल द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी वेबसाइट पर दी गई है। कुर्मांचल में यह पर्व घुघुती त्योहार के रूप में मनाया जाता है।
सांस्कृतिक पर्वों, सामाजिक गतिविधियों, धार्मिक आयोजनों और खेल कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को साथ जोड़ने का प्रयास।
समिति की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, समय-समय पर सांस्कृतिक, सामाजिक, धार्मिक और खेल गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। नीचे पुराने और नियमित आयोजनों को व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत किया गया है।
समिति और गढ़वाल भ्रात मंडल द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी वेबसाइट पर दी गई है। कुर्मांचल में यह पर्व घुघुती त्योहार के रूप में मनाया जाता है।
हर वर्ष होली पर पूरे मयूर विहार क्षेत्र में पारंपरिक होली भ्रमण किया जाता है। नंगर-निशाण, मशक बीन, ढोल-दमाऊँ और पारंपरिक वेशभूषा के साथ सदस्य इसमें शामिल होते हैं।
प्रति वर्ष चैत्र मास के नवरात्रों में अखंड रामायण का आयोजन किया जाता है। पूर्णाहुति के बाद भंडारे का आयोजन भी किया जाता है।
समिति सन् 2015 से शरद नवरात्रों में रामलीला का मंचन करती आ रही है। पात्र अभिनय, निर्देशन, संगीत और मंच संचालन में समिति के सदस्य सहभागिता करते हैं।
सन् 2019 में सदस्यों के सहयोग से मां नंदा देवी मंदिर की स्थापना की गई। स्थापना अवसर पर पूजा, डोली/कलश यात्रा और भंडारे का आयोजन किया गया।
उत्तराखंड अकादमी द्वारा सन् 2019 में आयोजित प्रथम लोक उत्सव में समिति के बाल कलाकारों ने गणेश वंदना प्रस्तुत की।
26 जनवरी और 15 अगस्त के अवसर पर समिति द्वारा ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन अवसरों पर कला एवं खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन तथा प्रतिभागियों को प्रोत्साहन देने के लिए पुरस्कार दिए जाने की जानकारी भी आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई है।
ध्वजारोहण
कला एवं खेल प्रतियोगिताएँ
पुरस्कार वितरण
समिति खेलों को बच्चों और युवाओं की सामाजिक सहभागिता का एक महत्वपूर्ण माध्यम मानती है।
आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार समिति समय-समय पर विभिन्न खेलों का आयोजन करती है और खेल सचिवों की नियुक्ति भी की गई है।
मयूर विहार फेज 3 में कुर्मांचल जन कल्याण एवं सांस्कृतिक समिति की स्थापना।
समिति द्वारा वार्षिक रामलीला मंचन की शुरुआत का उल्लेख आधिकारिक वेबसाइट पर है।
समिति द्वारा अस्थायी वरिष्ठ गृह सदन बनाए जाने की जानकारी दी गई है, जिसका उपयोग पदाधिकारी बैठकों और स्टोर के लिए भी होता है।
सदस्यों के सहयोग से मां नंदा देवी मंदिर की स्थापना और संबंधित आयोजन।
उत्तराखंड अकादमी के लोक उत्सव और इंदिरापुरम के महाकौतिग उत्सव में समिति की सहभागिता का उल्लेख है।